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अन्ना हजारे गाँधीवाद के बदले राष्ट्रवाद अपनाये

देश में भ्रष्टाचार, परिवारवाद, तुष्टिकरण फैलाने की जिम्मेदार काँग्रेस ही है जिस की मुखिया सोनिया गाँधी है। सोनिया नेहरू और गाँधी का नाम लेकर देश पर परोक्ष रूप से शासन कर रही है और उसे इसाई करण की ओर ले जा रही है।  उसी सोनिया के विरुद्ध अन्ना हजारे ने ऐक शब्द नहीं बोला। क्या वह इतने भोले हैं कि नहीं जानते करपशन के पीछे कौन है। किसी अनपढ से भी सवाल करो गे तो वह बता देगा कि करप्ट कौन कौन हैं। सरकार ने आज तक काले धन वालों के नामों का खुलासा नहीं किया। क्या अन्ना ने इस बारे में कभी कुछ कहा ।

अन्ना स्वामी अग्निवेश के साथ स्वामी रामदेव के रामलीला मैदान की नवम्बर 2010 वाली रैली में आये थे। वहाँ जुटी भीड को देख कर वाहवाही लेने के लिये अन्ना ने पहले ही अपना भूख हडताली आन्दोलन अप्रैल में शुरु कर दिया था। मीडिया ने अन्ना को हीरो बना दिया और कहा कि सरकार तो हिल गयी। पाँच दिन के बाद ही सुलह हो गयी।  अग्निवेश और केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने तो जरूरत से ज्यादा दे दिया।

जिस ने आन्दोलन को सींचा था उन्ही स्वामी रामदेव के हाथों से आन्दोलन की वाहवाही की फूलमाला अन्ना के गले में जा पडी। अन्ना ने फिर स्वामी राम देव की ओर देखा भी नहीं। वह तो स्वामी रामदेव  जी का बडप्पन था  कि उन्हों ने कुछ नहीं बोला और अपना कार्य करते रहै हैं। सरकार ने स्वामी रामदेव के साथ जो सलूक किया और अन्ना के लिये कैसा भव्य आयोजन रामलीला मैदान में करवाया यह छुपा नहीं है और सबूत है कि काँग्रेस का पिठ्ठू कौन है। अन्ना ने तो शहीद राजबाला के परिवार तक को खेद भी नहीं जताया।

अब एक एक कर के अन्ना के साथी अपने आप ही बेनकाब होते जा रहै हैं तो इस में कोई क्या करे। जनता को बहकाने के लिये अन्ना ने हिसार में काँग्रेस का विरोध कर के दिखावटी लडाई भी कर डाली क्यों कि वह जानते थे कि एक सीट हारने से हरियाणा की कांग्रेस सरकार को कोई पर्क नहीं पडे गा। असल मुकाबला तो उत्तर प्रदेश में होना है जिस के लिये अन्ना ने अभी से कहना शुरु कर दिया है कि वह जन लोक पाल बिल आने के बाद कांग्रेस का प्रचार करें गे।

सभी जानते हैं कि काँग्रेस जन लोक पाल बिल भी अन्ना की झोली में डाल दे गी मगर उस से काला धन वापिस नहीं आये गा। अन्ना ने देश की जनता के आक्रोश को विफल कर के छ महीने का समय बरबाद कर दिया है और गाँधी बन गये हैं।

अगर अन्ना हजारे सच्चे सिपाही हैं तो अपनी भारत विरोधी मंडली को छोड कर स्वामी रामदेव, संध परिवार जैसे राष्ट्रवादियों का खुले आम समर्थन करें। फूट डालने का काम अन्ना और उन की मंडली कर रही है। अन्ना के साथ पिछली कतार के लोगों के चेहरे जब सामने आयें गे तो सभी कुछ साफ होने लगे गा अभी तो उन की टीम अपने आप ही अपने कपडे उतार कर नंगी खडी हो गयी है। 

चाँद शर्मा

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